शोधकर्ताओं का कहना है कि लगभग दस लाख लोगों पर की गई ये स्टडी इस दिशा में की गई अब तक की सबसे बड़ी रिसर्च है.
इस स्टडी में पाया गया कि जो लोग “बहुत गर्म” पेय पीते थे, उनमें “गुनगुनी” चाय या कॉफी पीने वालों की तुलना में कैंसर का ख़तरा लगभग तीन गुना ज़्यादा था.
हालांकि विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि इस तरह का कैंसर डेवलप होने के बहुत कम चांस होते हैं.
बहुत गर्म तरल पदार्थ फ़ूड पाइप की पेट तक पहुंचने के रास्ते में मौजूद सेल्स (कोशिकाओं) को नुक़सान पहुंचा सकते हैं.


