गौरव गोविंद भी लाखों दूसरे बच्चों की तरह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करना चाहते थे.
पहली पसंद थी क्रिकेट. लेकिन ज़िंदगी ने बल्ले की जगह हाथ में स्केच पेंसिल थमा दी..
रैम्प वॉक करते मॉडल, चमचमाती लाइट्स, ख़ूबसूरत डिज़ाइन पर गूंजती तालियां…फ़ैशन की दुनिया से गौरव की मुलाकात यहीं से होती है.
उसके बाद गौरव ने हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) से पढ़ाई की, नामी डिज़ाइनर के साथ काम किया, स्टार्टअप बनाया और अब NIFT के वाराणसी कैंपस में पढ़ा रहे हैं. उनकी कहानी बताती है कि फैशन डिज़ाइनिंग करियर का एक मुकम्मल रास्ता है.


