
राम मंदिर में कर्मचारी ने ही पकड़ी थी चढ़ावा चोरी, चार्जशीट में दावा- चोरी में 67 लोग शामिल, चंपत राय को VIDEO भेजा; लेकिम आरोपी सिर्फ़ 8 को बनाया! चार्जशीट में 10 खुलासे
दरअसल, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने फैजाबाद जिला कोर्ट में 73,480 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चढ़ावे की रकम चोरी होने का मामला पहली बार 4 जून, 2026 को सामने आया।
चार्जशीट के मुताबिक, काउंटिंग रूम में कर्मचारियों को चढ़ावे के रुपए छिपाते हुए एक कर्मचारी ने ही देखा था। कर्मचारी आनंद चौधरी ने इसकी जानकारी तत्कालीन ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को दी और वीडियो भी भेजा।
वीडियो में कुछ कर्मचारी कमर में नोटों की गड्डियां छिपाते नजर आ रहे थे। आनंद ने आशंका जताई कि चोरी में करीब 67 कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।
घटना के दिन यानी 4 जून को चंपत राय अयोध्या में नहीं थे। 5 जून को चंपत ने अनिल मिश्रा, गोपाल राव और डॉ. नरेंद्र के साथ CCTV फुटेज देखे। इसके बाद मंदिर परिसर के CCTV फुटेज खंगाले गए। पुलिस के मुताबिक, चढ़ावा चोरी से जुड़ी 105 घटनाएं कैमरों में रिकॉर्ड मिलीं। 173 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
चार्जशीट में पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ CCTV फुटेज, मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान, बैंक खातों में नकद जमा, संपत्तियों की खरीद और बरामदगी के सबूत पेश किए हैं।
ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी नहीं, बल्कि गवाह बनाया गया है।
चार्जशीट में पुलिस ने माना कि चढ़ावे चोरी नोट गिनने और की छंटाई में लगे कर्मचारियों ने ही की। CCTV को अहम सबूत माना गया। इसी के सबूत दिए गए हैं।
पुलिस ने मोबाइल फोन से मिले टेक्स्ट मैसेज को भी महत्वपूर्ण सबूत बताया है। अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला और लवकुश मिश्रा के बीच कैश के बंडल रखने, छिपाने, अदला-बदली करने और इधर-उधर ले जाने से संबंधित मैसेज मिले हैं। CDR में इनकी बातचीत होने के सबूत हैं।
1- पुलिस जांच में कई आरोपियों व उनके परिजन के खातों में नकद जमा, जमीन/मकान, कार, बाइक, कैमरा और आभूषण खरीदने की जानकारी मिली है। पुलिस ने माना कि ये सब चोरी के रुपयों से खरीदा गया है।
2- पुलिस के मुताबिक, CCTV फुटेज में अविनाश शुक्ला उर्फ सनी 85 बार खुद दान/चढ़ावे की रकम हटाते हुए और 4 बार दूसरे आरोपियों की मदद करते हुए दिखाई दिया।
उसकी निशानदेही पर 20.39 लाख रुपए, 4,424 अमेरिकी डॉलर, चांदी-सोने के आभूषण और बाद में ब्रेजा कार बरामद करने का दावा किया गया है।
3- पुलिस के मुताबिक, आरोपी लवकुश मिश्रा ने चोरी के रुपयों से पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम 22.52 लाख रुपए की जमीन खरीदी और उस पर करीब 20.91 लाख रुपए से मकान बनाया। CCTV में लवकुश 4 बार खुद रकम हटाते दिख रहा है।
4- अनुकल्प मिश्रा के पिता रविंद्र मिश्रा के नाम खरीदे गए करीब 55 लाख रुपए के मकान का पैसा कहां से आया। इसकी जांच में 29.5 लाख बैंक ट्रांसफर और 25 लाख रुपए नकद भुगतान की जानकारी सामने आई, जिससे मकान खरीदा गया।
5- चार्जशीट में करुणेश पांडेय की पत्नी रूपा के SBI खाते में करीब 78.55 लाख रुपए नकद जमा मिलने का आरोप है। भाई के खातों में भी नकद जमा का विवरण दिया गया है। पुलिस ने CCTV में करुणेश को 2 बार खुद अपराध करते और 68 बार दूसरों की मदद करते हुए देखा है।
6- रमाशंकर मिश्रा और उनके परिजनों के बैंक खातों में करीब 20.93 लाख रुपए नकद जमा किए गए। 42 लाख रुपए में प्लॉट, 1.03 लाख रुपए का कैमरा और आभूषण खरीदने की जानकारी भी मिली है।
7- चार्जशीट में बताया है कि रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू ट्रस्ट की दान/चढ़ावे की रकम की गिनती और बैंक तक ले जाने की प्रक्रिया से लंबे समय से जुड़ा है। उसके खातों में 8.48 लाख रुपए जमा हुए। अर्टिगा कार, बुलेट मोटरसाइकिल और 9.50 लाख रुपए की संपत्ति भी मिली है।
8- पूर्व महासचिव चंपतराय, ट्रस्टी डा.अनिल मिश्र व मंदिर के व्यवस्था प्रमुख रहे गोपाल राव को सरकारी गवाह बनाया गया है। मंदिर से कीमती आभूषण के गायब होने की बात पुलिस ने खारिज कर दी है।
9- चार्जशीट के कुल 59 पेजों में मुख्य बिंदु हैं, जबकि अन्य में विवेचना से जुड़े साक्ष्य, आरोपितों व गवाहों के बयान का उल्लेख है।
10- चढ़ावा चोरी सामने आने के बाद 25 जून को ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की तहरीर व एसआईटी की संस्तुति पर रामशंकर यादव टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और रिटायर्ड बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव पर केस दर्ज किया गया था।
