
मैं नोएडा में एक बड़े अफसर के घर पर बैठा था। उनकी पत्नी से जुड़ा बहुत गंभीर मामला था। मैंने उनके आवास से DM मेधा रूपम को कॉल किया। उनके पास मेरा नंबर, ऑफिस और लखनऊ कार्यालय तक के नंबर फीड हैं। मैंने डीएम को दो बार कॉल किया। फिर इंतजार भी किया कि शायद उनका कॉल आ जाए। लेकिन, उनका कॉल बैक नहीं आया।’
ये कहना है दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री कैप्टन विकास गुप्ता का। वे यूपी कृषि अनुसंधान परिषद के चेयरमैन भी हैं। उन्होंने गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) डीएम मेधा रूपम की शिकायत सीएम योगी से की है। वह कहते हैं- डीएम किसी का फोन नहीं उठाती हैं, ऐसे ही मामले में वो 3 साल पहले ट्रांसफर हुई थीं
कैप्टन विकास गुप्ता ने बताया- मैं यूपी सरकार में एक महत्वपूर्ण पद पर हूं। जनता के बीच रहता हूं। लोग मेरे पास कई मामले लेकर आते हैं। मैं राज्य में सभी जिलाधिकारियों और एसपी के संपर्क में रहता हूं। किसी समस्या के लिए या तो मैं इनको पत्र लिखता हूं या फिर बात कर लेता हूं। कभी-कभी खुद भी चला जाता हूं। जिलों के डीएम से अक्सर बात करता रहता हूं। यहां तक कि विभाग के प्रमुख सचिवों से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक के टच में रहता हूं।
मैं बहुत ज्यादा किसी को फोन कॉल नहीं करता। मेरा एक प्रोटोकॉल रहता है। मेरा आवास नोएडा में है। ऐसे में अगर कोई समस्या होगी, तो डीएम से बात करना अनिवार्य हो जाता है। वहां के लोग मेरे पास समस्या लेकर आते हैं। ऐसे ही एक मामले में मैंने डीएम मेधा रूपम को कॉल किया।
विकास गुप्ता का कहना है- मुझे भाजपा कार्यकर्ताओं से फीडबैक मिला कि डीएम मेधा रूपम कुछ चुनिंदा लोगों का ही फोन उठाती हैं। मैंने नोएडा में अप्रैल-मई में कई बार प्रयास किया कि डीएम मेधा रूपम से संपर्क हो जाए। लेकिन, उन्होंने फोन नहीं उठाया।
इसके बाद मैंने उनको पत्र लिखा, उसकी कॉपी मैंने मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद को भेजी थी। मुझे लगा कि शायद कुछ सुधार आएगा। लेकिन जैसा मैं सोच रहा था, वैसा दिखाई नहीं दिया। मैंने अगस्त-सितंबर में भी प्रयास किया। इसके बाद मैंने मुख्यमंत्री के सामने इस मुद्दे को उठाया है।
