
लखीमपुर खीरी के मैगलगंज थाना क्षेत्र में दोमुंहे सांप (रेड सैंड बोआ) की कथित तस्करी का मामला अब पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ रुपयों के लेनदेन के आरोपों को लेकर भी चर्चा में है। गिरफ्तार युवकों के परिजनों ने आरोप लगाया था कि उन्हें पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद परिवार से संपर्क कर बच्ची की दुर्घटना में मौत होने की बात कही और करीब दो लाख रुपए एक बैंक खाते में ट्रांसफर कराए गए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की विभागीय जांच के बाद थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। गिरफ्तार अंकित मौर्य के चाचा राधामोहन मौर्य के मुताबिक, अंकित समेत तीनों युवक रुपये लेने के लिए मैगलगंज आए थे। आरोप है कि पेट्रोल पंप के पास से पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।
परिजनों का दावा है कि युवकों को एक निजी मकान में रखा गया। इसके बाद घर पर फोन कर दुर्घटना में बच्ची की मौत होने की बात बताई गई और रुपये मांगे गए। परिजनों के अनुसार, करीब दो लाख रुपए एक बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए।
परिजनों ने युवकों के साथ मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगाए थे। उनका दावा था कि बाद में युवकों की कार में दोमुंहे सांप रखकर उन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के मामले में जेल भेज दिया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से युवकों की गिरफ्तारी के समय बताया गया था कि कार से दो जीवित दोमुंहे सांप बरामद हुए थे और उन्हें वन विभाग के सुपुर्द किया गया।
पुलिस के मुताबिक, मैगलगंज के रहजनिया अंडरपास के पास संदिग्ध अर्टिगा कार को रोककर तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनू सिंह, अंकित मौर्य और पुष्कर सिंह उर्फ सोल्जर के रूप में हुई थी। तीन अन्य युवक मौके से फरार बताए गए थे।
पुलिस ने कार से दो जीवित दोमुंहे सांप और चार मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया था। पूछताछ में युवकों द्वारा सांपों को बेचने के लिए लाए जाने की बात कहे जाने का भी पुलिस ने दावा किया था।
मामले में पुलिस विभाग ने विभागीय जांच कराई। इसके बाद निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, उपनिरीक्षक शुभम कुमार समेत आठ पुलिसकर्मियों को कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया।
