
प्रयागराज में एक सिपाही समेत 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इन सभी पर एक युवक को बंधक बनाकर मारपीट करने और दो लाख रुपए मांगने का आरोप है। मुकदमा सरायइनायत थाने में कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुआ है।
पीड़ित ने बताया कि आरोपी सिपाही ने दबाव बनाकर रुपए मांगे। जबरन कबूलनामा लिखवाया। पुलिसकर्मियों ने उस पर इतना दबाव बनाया कि उन्होंने जैसा कहा, उसने वैसा ही बयान दिया। इसके बाद उसके खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई कर दी गई।
सरायइनायत के बहादुरपुर चौराहा दोदापुर की रहने वाली फोटो देवी ने बताया कि मेरे बेटे संजीव की आदर्श कुमार उर्फ टिंकू से जान-पहचान थी। आदर्श जानवरों की खरीद-फरोख्त करता है और बेचे गए जानवरों के रुपए के तकादे के लिए संजीव को अपने साथ ले जाता था।
आरोप है कि 9 अगस्त 2026 की शाम करीब 4 बजे आदर्श कुमार दो-तीन लोगों के साथ मैजिक गाड़ी से आया और संजीव को फूलपुर चलने के लिए साथ ले गया। करीब दो घंटे बाद संजीव घर लौट आया।
इसके बाद शाम करीब 7 बजे आदर्श कुमार फिर बथुई उर्फ विकास कुमार, चुलबुल डॉक्टर उर्फ लालचंद्र और आशीष कुमार के साथ संजीव के पास पहुंचा। सभी ने सहसों चौराहा चलकर पार्टी से रुपए लेने की बात कही। संजीव उनके साथ चला गया, लेकिन तीन-चार घंटे बाद भी घर नहीं लौटा।
संजीव के घर नहीं लौटने पर फोटो देवी आदर्श कुमार के घर पहुंचीं। उनका आरोप है कि वहां उनके बेटे के साथ मारपीट की जा रही थी और दो लाख रुपए देने का दबाव बनाया जा रहा था।
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने महिला को भी धमकी दी कि अगर दो लाख रुपए नहीं दिए तो संजीव की हत्या कर शव गायब कर देंगे। पुलिस को सूचना देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
एफआईआर के मुताबिक, घटना के संबंध में संजीव ने 112 नंबर पर सूचना दी थी। 10 अगस्त को पुलिस आयुक्त प्रयागराज को ईमेल और मुख्यमंत्री को आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत भेजी गई। सरायइनायत थाने में भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।
इसके बाद 12 अगस्त को पुलिस आयुक्त, मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भी शिकायत भेजी गई।
फोटो देवी ने मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने शिकायत, मेडिकल दस्तावेज और पुलिस की रिपोर्ट देखने के बाद प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनना माना।
कोर्ट ने सरायइनायत थानाध्यक्ष को एक सप्ताह के भीतर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करने का आदेश दिया। इसी आदेश के बाद अब सिपाही अर्जुन सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
अनिल कुमार गॉड पिछले 15वर्षों से हिंदी भाषी पत्रकारिता में सक्रिय हैं. गॉड.की राजनीतिक, अपराध और सामाजिक खबरों पर अच्छी पकड़ है. विभिन्न संस्थानों में रहते हुए कई बार उनके काम का असर भी देखने को मिला. डिजिटल पत्रकारिता की तरफ रुख किया. वर्तमान मै TNI . अनिल कुमार गॉड ने CCS यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. घूमना, रिपोर्टिंग करना उनका शौंक है
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