रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार मोगा के थाना कोट ईसे खां की तत्कालीन SHO इंस्पेक्टर सुनीता बावा नंबर 33/एफआर को पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदकोट रेंज की IG नीलांबरी जगदाले की ओर से बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए हैं।
इंस्पेक्टर सुनीता बावा को 26 सितंबर को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। विजिलेंस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत लेते काबू किया था। गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
गिरफ्तारी के बाद जब सुनीता बावा से मामले को लेकर सवाल किया गया था, तो उन्होंने कहा था, “ऑल इज वेल, ऑल इज वेल।” रिश्वत के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा था, “देखो, नया जेल मॉड्यूल शुरू हुआ है, देखते हैं क्या होता है।”
जब उनसे पूछा गया कि ऐसी स्थिति में भी वह मुस्कुरा कैसे रही हैं, तो उन्होंने जवाब दिया था, “बिल्कुल, बोल्ड रहना चाहिए। उतार-चढ़ाव चलते रहते हैं, कोई बात नहीं। उम्मीद अच्छी रखो।”
विजिलेंस की कार्रवाई के बाद मामला पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया। मामले की गंभीरता और विभागीय स्तर पर सामने आए तथ्यों को देखते हुए फरीदकोट रेंज की IG नीलांबरी जगदाले ने इंस्पेक्टर सुनीता बावा के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की।
आदेश के अनुसार, उन्हें पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है। मामले में विजिलेंस की जांच और आगे की कानूनी एवं विभागीय प्रक्रिया जारी है।



