
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आजाद समाज पार्टी अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ गाजियाबाद की एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने एक बार फिर गैर जमानती वारंट जारी किया है। मामला वर्ष 2018 में एक युवक से मारपीट और गाली गलौज का है। इसी मामले में एमपी एमएलए कोर्ट गाजियाबाद मैं संसद के खिलाफ वारंट जारी किया है। वर्ष 2018 में धर्मेंद्र कुमार नामक युवक से मारपीट का मामला सामने आया था। इस मामले में धर्मेंद्र ने कोर्ट का रुख किया था।
कोर्ट में पेश नहीं हुए सांसद
गाजियाबाद एमपी एमएलए विशेष कोर्ट में युवक से मारपीट मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसको लेकर कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। मामले में शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार के वकील भजनलाल गौतम ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि मामले में चार्जशीट पर कार्रवाई के लिए सुनवाई चल रही है।
वकील ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ पहले भी गिरफ्तारी वारंटी जारी हो चुका है। इसके बाद भी वे लगातार कोर्ट की कार्रवाई से अनुपस्थित हैं।
कुर्की की मांग की
वकील ने अदालत से चंद्रशेखर के खिलाफ कोई गिरफ्तारी वारंट के साथ-साथ सीआरपीसी की धारा 82 और 83 के तहत कार्रवाई की मांग की है। धारा 82 के तहत फरार व्यक्ति की उद्घोषणा और धारा 83 के तहत उसकी संपत्ति की कुर्की का प्रावधान है। वादी पक्ष की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र और मामले की सुनवाई के दौरान चंद्रशेखर की गैरहाजिरी के बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंटी जारी किया है।



