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जानकीपुरम जोन में 300 किलोवाट का कनेक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर कहां है साहब?

October 30, 2026

🔥 UPPCL MEDIA report

जानकीपुरम जोन में 300 किलोवाट का कनेक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर कहां है साहब?

आरसीएम पावर हाउस के घैला फीडर से डेंटल मेडिकल कॉलेज को ऊर्जीकृत किए जाने का मामला चर्चा में!

⚡ नियम-कानून का पाठ पढ़ाने वाले अधिकारी अब इस सवाल का जवाब देंगे?

जानकीपुरम जोन के अंतर्गत डेंटल मेडिकल कॉलेज को आरसीएम पावर हाउस के घैला फीडर से ऊर्जीकृत किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किए बिना ही करीब 300 किलोवाट का विद्युत कनेक्शन कैसे ऊर्जीकृत कर दिया गया? अगर ऐसा हुआ है, तो इसके पीछे किन नियमों और तकनीकी मानकों का पालन किया गया, यह जांच का विषय है।

🔴 विश्व सूत्रों के हवाले से रिश्वतखोरी के आरोप!

विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि तत्कालीन अधिशासी अभियंता पर कनेक्शन ऊर्जीकृत करने के एवज में लाखों रुपये की रिश्वत लेने के आरोप हैं। हालांकि, UPPCL MEDIA इस कथित लेनदेन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना जरूरी है।

❓ मुख्य अभियंता जानकीपुरम जोन की भूमिका पर सवाल

जब आम उपभोक्ता को एक छोटे से कनेक्शन के लिए नियमों, अनुमतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, तो फिर 300 किलोवाट के कनेक्शन के मामले में क्या प्रक्रिया अपनाई गई?

  • क्या ऊर्जीकृत करने से पहले आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध था?
  • क्या निर्धारित तकनीकी मानकों और विभागीय प्रक्रियाओं का पालन किया गया?
  • क्या तत्कालीन अधिशासी अभियंता की भूमिका की जांच हुई?
  • इस पूरे प्रकरण में मुख्य अभियंता जानकीपुरम जोन की क्या भूमिका रही और क्या कोई स्पष्टीकरण दिया गया?

इन सवालों के जवाब संबंधित अधिकारियों और विभागीय अभिलेखों से ही स्पष्ट हो सकेंगे।

साहब! नियम-कानून क्या सिर्फ आम उपभोक्ता के लिए हैं?

उपभोक्ताओं से नियमों के पालन की अपेक्षा करना विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन वही नियम विभागीय स्तर पर भी समान रूप से लागू होने चाहिए। यदि किसी कनेक्शन में नियमों की अनदेखी हुई है, तो उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

कहावत तो आपने सुनी ही होगी— “जिनके घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते।”

आम उपभोक्ताओं को नियमों का हवाला देकर परेशान करने से पहले अधिकारियों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विभागीय कार्यप्रणाली पारदर्शी, नियमसम्मत और जवाबदेह हो।

📢 जानकीपुरम जोन के 10 कनेक्शन, सवालों की पूरी सीरीज!

UPPCL MEDIA अब जानकीपुरम जोन के 10 विद्युत कनेक्शनों से जुड़े मामलों की क्रमवार पड़ताल करने जा रहा है। इस सीरीज का पहला मामला डेंटल मेडिकल कॉलेज से संबंधित है।

आखिर इस प्रकरण की वास्तविक कहानी क्या है?

क्या आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना कनेक्शन ऊर्जीकृत किया गया?

किस स्तर पर जिम्मेदारी बनती है और जांच में क्या सामने आएगा?

इन सवालों के जवाब तथ्यों, अभिलेखों और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

पहला मामला, पहली पड़ताल—आगे और भी सवाल!

जानिए UPPCL MEDIA के आगामी अंक में।

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नोट: इस रिपोर्ट में उल्लिखित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों एवं संस्थान का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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