
448 करोड़ से की लागत से बना कुशीनगर एयरपोर्ट 4 साल से नियमित उड़ानें बंद, पर्यटन कारोबार पर असर, एयरपोर्ट के रख-रखाव पर हर महीने लाखों का खर्च!
कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नियमित यात्री विमानों का संचालन बंद होने से हवाई संपर्क और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना प्रभावित हो रही है। नवंबर 2023 के बाद नियमित व्यावसायिक उड़ानें नहीं चल रही हैं, जबकि पर्यटन विभाग के आंकड़ों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। होटल कारोबारियों और स्थानीय लोगों को अब नियमित उड़ानें शुरू होने का इंतजार है।
करीब 448 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 590 एकड़ में बने कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 20 अक्टूबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उद्घाटन के मौके पर श्रीलंका के कोलंबो से श्रीलंकन एयरलाइंस का विशेष विमान पहुंचा था। इसके बाद उम्मीद जगी थी कि कुशीनगर सीधे श्रीलंका, थाईलैंड और वियतनाम जैसे बौद्ध बहुल देशों से जुड़ेगा।
एयरपोर्ट पर 3,200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे है। करीब 3,600 वर्ग मीटर में बने टर्मिनल भवन की व्यस्त समय में लगभग 300 यात्रियों को संभालने की क्षमता बताई गई है। महापरिनिर्वाण मंदिर और रामाभार स्तूप जैसे प्रमुख बौद्ध स्थलों के नजदीक होने के कारण इसे बौद्ध सर्किट के महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की योजना थी।
एयरपोर्ट से नियमित व्यावसायिक उड़ानें मुख्य रूप से स्पाइसजेट की सेवाओं पर निर्भर थीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली की उड़ानें नवंबर 2023 में बंद हो गईं।
विभागीय जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट पर करीब 300 कर्मचारी विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। देखरेख, रखरखाव और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं पर हर महीने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है। हालांकि, कर्मचारियों की वास्तविक संख्या और मासिक खर्च का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा स्पष्ट नहीं है। नियमित उड़ानें बंद होने के बावजूद सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को बनाए रखने की जरूरत बनी हुई है।
नियमित यात्री विमानों के बंद होने के बाद भी एयरपोर्ट पर नॉन-शेड्यूल उड़ानों की आवाजाही जारी रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ऐसी उड़ानें करीब 100 बार संचालित हुई हैं। इनके जरिए विशिष्ट अतिथि और राजनेता कुशीनगर पहुंचे। इससे यह सवाल उठता है कि विशेष उड़ानों के संचालन के बीच आम यात्रियों के लिए नियमित सेवाएं कब बहाल होंगी।
अक्टूबर से मार्च तक का समय कुशीनगर के होटल और पर्यटन कारोबार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कारोबारियों को उम्मीद है कि नियमित उड़ानें शुरू होने पर विदेशी पर्यटकों और दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, टूर ऑपरेटर, गाइड और स्थानीय दुकानदारों को फायदा मिलने की संभावना है।
अनिल कुमार गॉड पिछले 15 वर्षों से हिंदी भाषी पत्रकारिता में सक्रिय हैं. गॉड.की राजनीतिक, अपराध और सामाजिक खबरों पर अच्छी पकड़ है. विभिन्न संस्थानों में रहते हुए कई बार उनके काम का असर भी देखने को मिला. डिजिटल पत्रकारिता की तरफ रुख किया. वर्तमान मै TNI . अनिल कुमार गॉड ने CCS यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. घूमना, रिपोर्टिंग करना उनका शौंक है
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