
पी पंचायत चुनावों में वोटर बनने के लिए मतदाता का 6 महीने पहले से उस गांव का निवासी होना अब अनिवार्य होगा। यूपी कैबिनेट ने इसके लिए उत्तर प्रदेश पंचायत राज एक्ट में संशोधन को मंजूरी दे दी। अब तक ऐक्ट में मतदाता कौन होगा, ये तय नहीं था।
अब संशोधन कर तय किया है कि निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची की तरह पंचायत राज की मतदाता सूची में 18 वर्ष की आयु का व्यक्ति जो सामान्य तौर पर 6 महीने या इससे ज्यादा समय से गांव में निवास करता हो उसे मतदाता बनाया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश पंचायत राज (सामान्य निवास अवधारणा) नियमावली-2026 के अनुसार, अब पंचायत चुनाव में मतदाता बनने के लिए किसी भी व्यक्ति को गांव में 6 महीने रहने के साथ-साथ गांव में स्थायी रूप से रहने की इच्छा भी जाहिर करनी होगी। उसे निवास के रूप में बिजली बिल, टेलीफोन बिल, आधार कार्ड या अन्य डॉक्यूमेंट्स दिखाने होंगे।
साल 2015 में उठा था सवाल
साल 2015 में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में नाम शामिल करने को लेकर यह सवाल उठा था कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में किसी व्यक्ति को साधारण निवासी मानने के लिए किन आधारों पर निर्णय जाए। इसके बाद यह पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। अब सरकार ने हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए इस 6 महीने के नियम को बनाया है। यूपी पंचायत राज एक्ट, 1947 में पहले ‘मामूली तौर से निवासी’ शब्द का इस्तेमाल होता था। इसकी कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं थी। अब सरकार ने नई नियमावली में स्पष्ट कर दिया है कोई व्यक्ति किसी ग्राम में अगर 6 महीने से रह रहा हो, तभी वह वहां का सामान्य निवासी माना जाएगा। इस नियमावली के लागू होने से ग्राम पंचायतों की वोटर लिस्ट के निर्धारण के लिए प्रदेश में अब एक समान और स्पष्ट आधार उपलब्ध हो सकेगा।
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