
गाजियाबाद। दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा एवं लोक आस्था के महापर्व छठ के पावन अवसर पर प्रसिद्ध गीतकार, समाजसेवी एवं बॉलीवुड एक्टिविस्ट रवि राकेश ने समस्त क्षेत्रवासियों, कला जगत से जुड़े लोगों एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।अपने शुभकामना संदेश में रवि राकेश ने कहा —
“संगीत और सेवा दोनों का लक्ष्य लोगों के दिलों में रोशनी भरना है।
दीपावली अंधकार से प्रकाश का प्रतीक है। धनतेरस समृद्धि का, गोवर्धन पूजा प्रकृति और गौ-सेवा का, और छठ महापर्व सूर्यदेव की उपासना का सबसे पवित्र पर्व है। मैं कामना करता हूं कि यह त्योहार आपके जीवन में नई रचनात्मकता, खुशहाली और सफलता लेकर आए।”कला और सेवा का संगम
रवि राकेश एक जाने-माने गीतकार हैं,
जिनके शब्दों में समाज की सच्चाई और भावनाओं की गहराई झलकती है। एक समाजसेवी और बॉलीवुड एक्टिविस्ट के रूप में वे हमेशा सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखते हैं और कलाकारों के हितों के लिए आवाज उठाते हैं।क्षेत्र के युवा उन्हें एक प्रेरणा के रूप में देखते हैं जो कला के साथ-साथ समाज सेवा को भी बराबर महत्व देते हैं।—
रवि राकेश, गीतकार – समाजसेवी एवं बॉलीवुड एक्टिविस्ट
आप सभी को दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा एवं छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व आपके जीवन में संगीत, खुशहाली और नई ऊर्जा लेकर आए।
— रवि राकेश (गीतकार – समाजसेवी एवं बॉलीवुड एक्टिविस्ट)
- मानव सेवा ही ईश्वर सेवा: भारतीय संस्कृति में हमेशा से माना गया है कि पीड़ित और जरूरतमंद इंसानों की सेवा करना ही सबसे बड़ी भक्ति और ईश्वर की सेवा है।
- निस्वार्थ भाव: सच्चा समाजसेवी वह है जो मान-अपमान, लाभ-हानि या प्रसिद्धि की परवाह किए बिना अपना तन, मन और धन समाज के उत्थान में लगा देता है।
- सामाजिक समानता और एकता: समाज सेवा से समाज में फैली असमानता, गरीबी, अंधविश्वास, कुरीतियों और भेदभाव को दूर करने में मदद मिलती है।
- आत्मसंतोष: प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. प्रकाश आमटे के अनुसार, सेवा उपकार की भावना से नहीं बल्कि आत्मसंतोष और कर्तव्य की भावना से की जानी चाहिए ताकि विनम्रता बनी रहे।
