
TNIगाजियाबाद । SCC Sapphire, राजनगर एक्सटेंशन से संबंधित विभिन्न गंभीर शिकायतों के निस्तारण को लेकर निवासी पुनीत शर्मा ने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लगातार कई बार शिकायतें एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने के बावजूद संबंधित विभाग बिल्डर एवं अन्य जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय तथ्यों की अनदेखी करते हुए ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं, जिनके आधार पर शिकायतों को बंद किया जा रहा है।
पुनीत शर्मा के अनुसार, शिकायत केवल बिल्डर द्वारा पूर्व में की गई कथित अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्तमान AOA द्वारा लिए जा रहे निर्णयों एवं की जा रही गतिविधियों पर भी गंभीर सवाल हैं। आरोप है कि वर्तमान AOA द्वारा निवासियों की अनुमति एवं जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) आयोजित किए बिना पार्क तथा सोसायटी के अन्य रास्तों पर निर्माण एवं बदलाव के कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों के संबंध में निवासियों को न तो पारदर्शी जानकारी दी जा रही है और न ही उनकी सहमति लेने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। ऐसे निर्माण कार्यों की वैधता, आवश्यक अनुमति तथा खर्च के निर्णयों का आधार भी स्पष्ट नहीं किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त AOA गठन की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएँ, बिल्डर के कर्मचारियों को AOA में शामिल किए जाने का आधार, विभाग द्वारा दी गई स्वीकृति तथा पूर्व शिकायतों पर कार्रवाई न होने जैसे गंभीर विषय भी लगातार उठाए जा रहे हैं।
दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को पुनीत शर्मा एवं सोसायटी के वरिष्ठ संगठन के पदाधिकारियों द्वारा पुनः मेरठ मंडल आयुक्त महोदय के समक्ष इन समस्याओं को प्रस्तुत करते हुए उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जाँच की माँग की गई।
5 नवंबर की फोन वार्ता ने विभागीय जवाबदेही पर खड़े किए गंभीर सवाल
इसी क्रम में 5 नवंबर 2026 को GDA कार्यालय के जेई श्री इम्तियाज अहमद द्वारा फोन पर पुनीत शर्मा को संबंधित विषय पर डिप्टी रजिस्ट्रार के समक्ष दबाव बनाने की बात कही गई, क्योंकि उनके अनुसार यह मामला डिप्टी रजिस्ट्रार के विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है।
पुनीत शर्मा के अनुसार, उक्त बातचीत के दौरान जेई द्वारा यह भी कथित रूप से कहा गया कि पूर्व में तथा वर्तमान में जिन रिपोर्टों को AE साहब एवं अन्य अधिकारियों के नाम से प्रस्तुत किया जा रहा है, उससे उनका कुछ बिगड़ने वाला नहीं है और उन्हें किसी प्रकार का डर नहीं है। इतना ही नहीं, बातचीत के दौरान कथित रूप से यह भी कहा गया कि ” ज्यादा होगा तो अधिकारियों के साथ जाकर पूरी बिल्डिंग गिरा दी जाएगी ।”
इस कथित बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। सवाल यह है कि क्या निवासियों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय उन्हें इस प्रकार की बातें सुनाई जाएँगी? क्या किसी सरकारी अधिकारी द्वारा ऐसी भाषा का प्रयोग उचित है? यदि बातचीत में कही गई बातें सही हैं, तो इसकी विभागीय जाँच और संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद विभागों की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं?
इस पूरे प्रकरण में सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि जिलाधिकारी द्वारा जाँच हेतु डिप्टी रजिस्ट्रार एवं GDA कार्यालय को भेजे गए पत्रों पर वास्तव में क्या कार्रवाई की गई? पुनीत शर्मा का आरोप है कि डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा शिकायत को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए बंद कर दिया गया, जबकि GDA अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी दूसरे विभाग पर डाल रहे हैं।
पुनीत शर्मा ने प्रशासन से सवाल किया है कि जब जिलाधिकारी स्वयं शिकायतों को जाँच हेतु संबंधित विभागों को भेजते हैं, तो विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर शिकायतों को समाप्त कैसे कर सकते हैं? क्या सोसायटी के निवासियों के अधिकारों, उनकी सहमति और सार्वजनिक सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी भी विभाग की जिम्मेदारी नहीं है?
प्रशासन से प्रमुख माँगें
पुनीत शर्मा ने प्रशासन से निम्नलिखित माँगें की हैं:
- पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र जाँच कराई जाए। गलत उद्देश्यों से बनाई गई है तो तुरंत निरस्त की जाए।
- वर्तमान AOA द्वारा बिना GBM एवं आवश्यक अनुमति के कराए जा रहे निर्माण कार्यों की वैधता की जाँच हो तथा नियमों के विरुद्ध कार्यों पर रोक लगाई जाए।
- बिल्डर एवं AOA की भूमिका की निष्पक्ष समीक्षा की जाए तथा AOA गठन की प्रक्रिया की जाँच हो।
- पूर्व में प्रस्तुत विभागीय रिपोर्टों की वास्तविक तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए।
- 5 नवंबर को GDA के जेई के साथ हुई कथित फोन वार्ता में दिए गए बयान की जाँच कर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए।
- जिलाधिकारी के निर्देशों पर भेजी गई शिकायतों का विभागवार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और निवासियों को लिखित रूप में कार्रवाई की जानकारी दी जाए।
पुनीत शर्मा का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष से विवाद करना नहीं, बल्कि सोसायटी के लगभग 900 परिवारों के अधिकारों, सार्वजनिक सुविधाओं और पारदर्शी व्यवस्था की रक्षा करना है। यदि विभागीय स्तर पर निष्पक्ष सुनवाई एवं उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो वे उपलब्ध साक्ष्यों के साथ उच्च अधिकारियों एवं अन्य वैधानिक मंचों पर अपनी शिकायत जारी रखेंगे।


अनिल कुमार गॉड पिछले 15 वर्षों से हिंदी भाषी पत्रकारिता में सक्रिय हैं. गॉड.की राजनीतिक, अपराध और सामाजिक खबरों पर अच्छी पकड़ है. विभिन्न संस्थानों में रहते हुए कई बार उनके काम का असर भी देखने को मिला. डिजिटल पत्रकारिता की तरफ रुख किया. वर्तमान मै TNI . अनिल कुमार गॉड ने CCS यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. घूमना, रिपोर्टिंग करना उनका शौंक है THE NATION INK
SCC Sapphire Rajnagar Extension News
SCC Sapphire Ghaziabad Latest News
Puneet Sharma SCC Sapphire
SCC Sapphire AOA Controversy
GDA Ghaziabad News
Ghaziabad Society News
Rajnagar Extension Society Issue
SCC Sapphire Builder Complaint
Deputy Registrar Ghaziabad
Meerut Mandal Ayukt News
GDA JE Imtiaz Ahmed
Ghaziabad DM News
Apartment Act Ghaziabad
SCC Sapphire GBM Issue
