
TNIकानपुर। दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा एवं लोक आस्था के महापर्व छठ के पावन अवसर पर भारतीय किसान यूनियन भानू के कानपुर मंडल प्रभारी एहसान खान ने समस्त किसान भाइयों, व्यापारियों, क्षेत्रवासियों एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।अपने शुभकामना संदेश में मंडल प्रभारी एहसान खान ने
कहा —
“दीपावली अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का पर्व है। यह पर्व हमें भाईचारा, एकता और सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। धनतेरस पर मां लक्ष्मी की कृपा से किसान और व्यापारी दोनों के घरों में सुख-समृद्धि आए। गोवर्धन पूजा हमें गौ-धन, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है और छठ महापर्व सूर्यदेव की उपासना का सबसे बड़ा प्रतीक है जो त्याग और शुद्धता सिखाता है। मैं कामना करता हूं कि यह महापर्व आप सभी के जीवन में खुशहाली, अच्छी फसल और तरक्की लेकर आए।”
किसानों की बुलंद आवाज
एहसान खान अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और किसान हितैषी कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हमेशा कानपुर मंडल के किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। चाहे किसानों के मुआवजे का मुद्दा हो, खाद-बीज की समस्या हो या व्यापारियों के अधिकारों की बात हो — एहसान खान हमेशा सबसे आगे खड़े रहते हैं। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और निस्वार्थ सेवाभाव युवाओं के लिए प्रेरणा है।क्षेत्र के किसान उन्हें एक कर्मठ, ईमानदार और जुझारू नेता के रूप में सम्मान करते हैं।
— एहसान खान, मंडल प्रभारी – भारतीय किसान यूनियन भानू, कानपुर मंडल दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा एवं छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
यह पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली और नई रोशनी लेकर आए।
— एहसान खान (मंडल प्रभारी – भारतीय किसान यूनियन भानू, कानपुर मंडल)
- मानव सेवा ही ईश्वर सेवा: भारतीय संस्कृति में हमेशा से माना गया है कि पीड़ित और जरूरतमंद इंसानों की सेवा करना ही सबसे बड़ी भक्ति और ईश्वर की सेवा है।
- निस्वार्थ भाव: सच्चा समाजसेवी वह है जो मान-अपमान, लाभ-हानि या प्रसिद्धि की परवाह किए बिना अपना तन, मन और धन समाज के उत्थान में लगा देता है।
- सामाजिक समानता और एकता: समाज सेवा से समाज में फैली असमानता, गरीबी, अंधविश्वास, कुरीतियों और भेदभाव को दूर करने में मदद मिलती है।
- आत्मसंतोष: प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. प्रकाश आमटे के अनुसार, सेवा उपकार की भावना से नहीं बल्कि आत्मसंतोष और कर्तव्य की भावना से की जानी चाहिए ताकि विनम्रता बनी रहे।
